Ramayan se prerna रामायण से हमे क्या प्रेरणा मिलती
What inspires us from Ramayana
रामायण से प्रेरणा ----इन दिनों दूरदर्शन पर प्रसारित रामायण को व्यापक स्तर पर दर्शकों का स्नेह मिल रहा है । वास्तव में यह मात्र एक धारावाहिक नहीं , बल्कि भारतीय संस्कृति की विशेषताओं से आबद्ध जीवन दर्शन है । यह जिस राम कथा पर आधारित है उससे प्रत्येक मनुष्य अपने नैतिक उत्थान के लिए प्रेरणा ले सकता है । इसके आदर्श एवं सिद्धांत देश और काल की सीमाओं से आबद्ध नहीं है , अपितु उनकी सार्वभौम मान्यता भी है ।
रामायण से हमें जीवन के प्रति एक विशिष्ट दृष्टिकोण मिलता है । इसमें श्रीराम का विनम्र आचरण और अपने से बड़े और छोटे सबको सम्मान देने की शिक्षा देता है ।
इससे यही सीख मिलती है कि तमाम संसाधनों और वैभव के बावजूद सबसे अपेक्षित व्यवहार करना चाहिए । हमें पशु - पक्षियों से भी प्रेम और करुणा से पेश आना चाहिए । सच्चा मानव वही है जो सबसे समानता से पेश आता है ।
रामायण में माता - पिता को देवता के समान स्थान मिला है । रामायण की प्रासंगिकता आज के समय में इसलिए और भी अधिक है क्योंकि वर्तमान भोगवादी सभ्यता के कारण पूरे विश्व में परिवार और समाज नामक संस्था का पराभव हो रहा है ।
_ _ भगवान श्रीराम में अनुकरणीय मातृ - पितृ भक्ति , भातृ प्रेम , देशभक्ति , मर्यादा और अनुशासन था । कुशल प्रजा पालक होने से उन्होंने अपने राज को रामराज्य में तब्दील किया । श्रीराम दुनिया को दिशा देने वाले व्यक्तित्व हैं । राम को दुख ही भोग लगे , लेकिन उनसे दूसरों का दुख नहीं देखा गया । एक आम इंसान बनकर जीवनयापन करने के लिए जो ' तत्व ' , ' आदर्श ' , ' नियम ' और धारणा जरूरी होती है , उनके सामंजस्य और समन्वय का नाम श्रीराम है । '
नर ' से ' नारायण ' कैसे बना जाए यह उनके जीवन से सीखा जा सकता है । श्रीराम के चरित्र में पग - पग पर मर्यादा , त्याग , प्रेम और लोक व्यवहार के दर्शन होते हैं उससे प्रेरणा ली जानी चाहिए ।

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