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सावन में भोले बाबा को कैसे प्रसन्न करें – आसान उपाय और व्रत विधि

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  सावन का महीना और भगवान शिव की महिमा   हिन्दू धर्म में सावन का महीना (श्रावण मास) बहुत ही पवित्र और धार्मिक महत्व रखता है। यह महीना पूरी तरह भगवान शिव को समर्पित होता है। सावन के दौरान भक्तगण विशेष पूजा-पाठ, व्रत और रुद्राभिषेक करते हैं ताकि शिवजी की कृपा उन पर बनी रहे। मान्यता है कि सावन में की गई पूजा विशेष फलदायी होती है और मनोकामना शीघ्र पूर्ण होती है। आज के लेख में हम आपको बताएंगे – सावन में भोलेनाथ को कैसे प्रसन्न करें, कौन-कौन से उपाय और व्रत शिवजी के प्रिय माने जाते हैं, सावन के महत्व और विशेष उपाय जिनसे आपका जीवन खुशियों से भर जाएगा। 📌 सावन का धार्मिक महत्व सावन का महीना मुख्यतः वर्षा ऋतु में आता है और इस समय प्राकृतिक वातावरण बेहद शुद्ध और आध्यात्मिक हो जाता है। इस महीने की खास बातें: ✅ समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने विषपान किया था। ✅ इस महीने शिवजी की आराधना करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। ✅ हर सोमवार (श्रावण सोमवारी) को व्रत करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता है। ✅ शिव पुराण में कहा गया है कि सावन में भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं। 📌 सा...

10-brain-exercise-memory-power-badhane-ke-upay

10 brain exercise that help to improve memory 🧠 10 ब्रेन एक्सरसाइज जो आपकी याददाश्त को तेज़ करें – Memory Boost करने के असरदार उपाय Meta Description: क्या आप भूलने की समस्या से परेशान हैं? जानिए 10 असरदार दिमागी एक्सरसाइज जो आपकी याददाश्त (Memory Power) को तेजी से सुधार सकती हैं। वैज्ञानिक शोधों पर आधारित उपाय। 📌 प्रस्तावना (Introduction) आज की तेज़-तर्रार दुनिया में हर कोई चाहता है कि उसकी याददाश्त तेज़ हो, ध्यान केंद्रित रहे और मानसिक क्षमता बनी रहे। तनाव, गलत खानपान और डिजिटल डिवाइसेज के कारण हमारा दिमाग कमजोर होता जा रहा है। लेकिन चिंता की बात नहीं! यहां हम आपके लिए लाए हैं 10 ब्रेन एक्सरसाइज , जो दिमाग की शक्ति बढ़ाने , Memory Improve करने और Mental Sharpness बढ़ाने में कारगर हैं। 🧠 1. ध्यान लगाना (Meditation) Keyword: मेडिटेशन फॉर ब्रेन, दिमाग शांत करने का तरीका ध्यान लगाने से मस्तिष्क शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है। रोज़ 10-15 मिनट का मेडिटेशन, न्यूरॉन्स को एक्टिव करता है और याददाश्त को सुधारता है। फायदे: तनाव कम होता है फोकस बढ़ता है दिमाग तरोताज़ा र...

mantre chiktasa paddhatiमंत्र चिकित्सा: आयुर्वेद से भी प्राचीन उपचार पद्धतिi

  मंत्र चिकित्सा पद्धति – आयुर्वेद से भी प्राचीन एक दिव्य उपचार प्रणाली प्रस्तावना भारत एक ऐसा देश है जहाँ आध्यात्मिकता, चिकित्सा और विज्ञान का घनिष्ठ संबंध रहा है। यहाँ योग, आयुर्वेद, ध्यान, और वैदिक मंत्रों की परंपरा सदियों से चली आ रही है। जब हम "प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों" की बात करते हैं तो अधिकतर लोगों का ध्यान आयुर्वेद की ओर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी चिकित्सा पद्धति भी है जो आयुर्वेद से भी पुरानी मानी जाती है – मंत्र चिकित्सा पद्धति ? यह एक ऐसी विधा है जिसमें ध्वनि, स्पंदन और उच्चारण के माध्यम से रोगों का उपचार किया जाता है। यह न केवल शारीरिक रोगों के लिए बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकारों को भी संतुलित करने में सहायक मानी जाती है। आइए इस लेख के माध्यम से हम मंत्र चिकित्सा पद्धति के इतिहास, सिद्धांत, वैज्ञानिक आधार और इसके प्रभावों पर गहराई से चर्चा करें। मंत्र चिकित्सा क्या है? "मंत्र" शब्द संस्कृत के दो मूल शब्दों से मिलकर बना है – "मन" (मन यानी सोच) और "त्र" (उपाय या रक्षा)। अर्थात् मंत्र वह ध्वनि है ...

"Sorry कैसे बोलें कि सामने वाला हो जाए प्रभावित"

sorry-kaise-bole-ki-samne-wala-ho-jaye-prabhavit Sorry कैसे बोलें कि सामने वाला हो जाए प्रभावित: प्रभावशाली माफी मांगने की कला भूमिका हम सभी से जीवन में कभी न कभी कोई गलती हो जाती है। कई बार अनजाने में हम किसी का दिल दुखा देते हैं। ऐसे में 'सॉरी' बोलना ही समाधान होता है। लेकिन क्या हर बार माफी मांगना उतना प्रभावशाली होता है? क्या केवल “सॉरी” कह देने से बात बन जाती है? नहीं। माफी मांगना एक कला है और इसे सही ढंग से कहना ज़रूरी होता है ताकि सामने वाला आपकी सच्चाई को महसूस कर सके और प्रभावित हो जाए। इस लेख में हम जानेंगे कि 'Sorry कैसे बोलें कि सामने वाला हो जाए प्रभावित' , और साथ ही कुछ व्यावहारिक उदाहरण, मनोवैज्ञानिक पहलू और SEO-अनुकूल टिप्स भी साझा करेंगे। 1. माफी मांगने की जरूरत क्यों पड़ती है? 1.1 संबंधों की मरम्मत गलतफहमियों या झगड़ों के बाद माफी मांगना रिश्तों को फिर से मजबूत करता है। यह दर्शाता है कि आप सामने वाले की भावनाओं की कद्र करते हैं। 1.2 आत्म-सुधार का संकेत माफी मांगने वाला व्यक्ति दर्शाता है कि वह अपनी गलतियों को समझता है और उनमें सुधार करना चाहत...

रोज़ सुबह पेट साफ़ करने के 15 असरदार घरेलू उपाय – कब्ज से पाएं छुटकारा roj subha pet saaf karne ke upaye

इंट्रोडक्शन कारण और समस्याएं घरेलू उपाय खानपान योग और एक्सरसाइज आयुर्वेदिक उपाय FAQs निष्कर्ष "हम अपने शरीर को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं? रोज़ सुबह पेट साफ़ कैसे करें: 100% असरदार घरेलू उपाय प्रस्तावना हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी सुबह ताजगी और हल्के पेट के साथ शुरू हो। लेकिन जब पेट ठीक से साफ़ नहीं होता, तो दिनभर थकान, भारीपन और चिड़चिड़ापन महसूस होता है। यदि आपका सवाल है कि "रोज़ सुबह पेट साफ़ कैसे करें?" , तो आप सही जगह पर हैं। इस लेख में हम जानेंगे ऐसे घरेलू, आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपाय जो आपके पेट को रोज़ाना सुबह पूरी तरह से साफ़ करने में मदद करेंगे। पेट साफ़ न होने के कारण पेट साफ़ न होने की समस्या को कब्ज या Constipation कहा जाता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं: फाइबर की कमी पानी की कम मात्रा देर रात का खाना अधिक तला-भुना भोजन मानसिक तनाव पर्याप्त नींद न लेना शारीरिक गतिविधियों की कमी समय रहते इस समस्या का समाधान न किया जाए, तो यह पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, बवासीर और स्किन प्रॉब्लम्स का कारण बन सकती है। पेट साफ़ न होने के लक्...

कोलेस्ट्रॉल कम करने के घरेलू उपाय: घर पर तेजी से कोलेस्ट्रॉल कैसे घटाएंhow to reduce cholesterol levels quickly at home

 cholesterol-kam-karne-ke-gharelu-upay कोलेस्ट्रॉल कम करने के घरेलू उपाय: घर पर तेजी से कोलेस्ट्रॉल कैसे घटाएं परिचय आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, और इसका मुख्य कारण है — उच्च कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol)। यह एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करता है जो धीरे-धीरे दिल की बीमारियों, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म देता है। हालांकि दवाइयां कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होती हैं, लेकिन बहुत से लोग घरेलू और प्राकृतिक उपायों की ओर रुख करना पसंद करते हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि आप घर पर ही कोलेस्ट्रॉल को तेजी से कैसे कम कर सकते हैं , वो भी प्राकृतिक और सुरक्षित तरीकों से। कोलेस्ट्रॉल क्या होता है? कोलेस्ट्रॉल एक वसायुक्त पदार्थ है जो हमारे शरीर की कोशिकाओं में पाया जाता है और यह हार्मोन, विटामिन D तथा पाचन के लिए आवश्यक पित्त (bile) के निर्माण में मदद करता है। यह दो प्रकार का होता है: LDL (Low-Density Lipoprotein) : जिसे ‘बुरा कोलेस्ट्रॉल’ कहा जाता है। HDL (High-Density Lipoprotein) : जिसे ‘अच्छा कोल...

Wire less electronic device अब कोई भी इलेट्रॉनिक सामान के लिए तार जरुरी नही

                वायरल  इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बै टरी से चलने वाले उपकरणों को कॉर्डलेस उपकरण कहते हैं यानी वायरलेस तकनीक पर काम करने वाली मशीन । बदलते वक्त के साथ इस तकनीक को अपडेट किया जा रहा है । तकनीकी विशेषज्ञ इस बात पर खास ध्यान दे रहे हैं कि अब तक जो उपकरण तार से चलाए जाते थे , उन्हें भी कॉर्डलेस बनाया जाए । आने वाले दिनों में ' बिजली ' को भी वायरलेस तरीके से घरों में पहुंचाया जाएगा । वैज्ञानिक इन दिनों इमारतों में बिना तार के बिजली सप्लाई करने की योजना पर काम कर रहे हैं । वायरलेस तरकनीक के दम पर इमारतों में रोशनी की जाएगी यानी बेतरतीब ढंग से उलझे बिजली के तारों के गायब होने के बावजूद भी आपके घर में बिजली की सप्लाई चालू रहेगी । तार रहित विज्ञान कथा में बिजली के अलावा अन्य जरूरी उपकरण भी हैं , जिनको बैटरी ऑपरेटेड बनाया जा रहा है ।  पंखा : छत या दीवार पर टंगे पंखे को भी वायरलेस बनाया जा रहा है । बैटरी से चलने वाले ये पंखे बिजली जाने पर भी ठंडी हवा देते हैं । जरूरी नहीं कि तार रहित पंखे को चलाने के लिए इन्वर्टर से कनेक्ट किया जाए । पो...

Vyavahar ka jivan me mahatva व्यवहार का जीवन मे महत्व

व्यवहार क्या है। व्यवहार स्कूलों में छात्रों के कई समूह होते हैं । वे सभी अपनी रुचि के अनुसार आपस में जुड़ते हैं । वहां कई ऐसे समूह होते हैं , जो आपस में मिलकर किसी की आलोचना करने या किसी के जीवन में मुश्किलें पैदा करने पर ध्यान देते हैं । एक छात्र के रूप में हमें पढ़ाई के अलावा यह भी जानना चाहिए कि हम सब उस परमात्मा की संतान हैं । हममें से प्रत्येक में बुराइयों से ज्यादा अच्छाइयां हैं , इसलिए हमें सिर्फ अच्छे पक्ष पर ही ध्यान देना है ।  अगर हम यह समझ जाएं तो हमारा व्यवहार लोगों के साथ बेहतर होता चला जाएगा । यदि हमारे समूह में ऐसे लोग हैं , जो दूसरों की आलोचना करते हैं तो हमें उसका हिस्सा नहीं बनना चाहिए । यदि हम ऐसा करेंगे तो सकारात्मक सोच वाले कई बच्चे हमसे मित्रता करना चाहेंगे । ऐसा करने से हमारी जिंदगी शांति से भरी होगी । अक्सर हमारे पड़ोस में भी कुछ ऐसे लोग होते हैं , जो दूसरों को परेशान करते हैं । हमें उनके साथ नम्रता से और एक शांत व्यक्ति के रूप में पेश आना चाहिए , क्योंकि टकराव करने से समाधान नहीं निकलता है । हमें कभी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ हिंसक व्यवहार नहीं रखना चाहिए ...

Jal ka jeevan me mahatva जल का जीबन में महत्व

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                   What is importance of water in life. प्रत्येक प्राणी तक किसी न किसी रूप में जल पहुंचाने का प्रयोजन ईश्वर का ही है । वे बादलों के माध्यम से पृथ्वी के प्राण रक्षण के लिए जल भेजते हैं । हम सभी को उसका सदुपयोग करना है . . हमारे सनातनी ऋषि - मुनियों के कार्य और तपस्या केवल लोककल्याण की भावना से ओतप्रोत थी । उन ऋषियों में कई तो मंत्रदृष्टा थे , जिन्होंने वेदों की ऋचाओं को समाधि में देखा और फिर उनका लेखन हुआ । उन वेद मंत्रों का उपयोग समाज कल्याण के उद्देश्य से होने लगा , क्योंकि हमारे शास्त्र कहते हैं कि यज्ञात्मक अनुष्ठान करने से वर्षा होती है , फिर वर्षा से धान्य होता है और धान्य से प्राणी का जीवन सुरक्षित होता है ।  ऋषियों में यह भेद - भावना नहीं थी कि यज्ञ हम करें और वर्षा सबके खेतों और भूमि पर क्यों हो ? यही हमारी संस्कृति और धरोहर है कि हम सबके कल्याण और सुख के लिए उस वैदिक परंपरा को लेकर चल रहे हैं । गंगा , समुद्र या ग्लेशियर भी अलग - अलग तरह से समाज का हित कर रहे हैं । वामन पुराण के अनुसार , जब भगवान ने बलि ...

What is self confidence | आत्मबल क्या है । आत्मबल कैसे बढ़ाएं

                                    आत्मबल आत्मबल हमारी आंतरिक शक्ति हमारे आत्मबल की द्योतक है । यह बल जितना मजबूत होगा हमारी इच्छाशक्ति उतनी अधिक दृढ़ होगी । हमारी कार्यक्षमता बढ़ेगी । विपरीत परिस्थितियों में लिए गए निर्णय सार्थक सिद्ध होंगे । आत्मबल अवसाद को पैदा होने से रोकता है । इससे हम नकारात्मकता के जाल में फंसने से बचते है Aatmebal kese badhaye यदि किसी व्यक्ति का आत्मबल जागृत कर दिया जाए तो उसमें असंभव को संभव करने की क्षमता उत्पन्न हो जाती है । हमारा इतिहास भी ऐसी अनेक घटनाओं से भरा है जिनमें आत्मबल की शक्ति से चमत्कारिक कार्यों को अंजाम दिया गया । Aatmebal meaning in hindi माता सीता की खोज में निकले पवनसुत हनुमान विशाल समुद्र को देखकर हताश हो जाते हैं । उन्हें उसे पार करने की कोई युक्ति नहीं सूझती । वह समुद्र की लहरों के सम्मुख स्वयं को विवश अनुभव करते हैं , लेकिन तभी जामवंत जी उनके आत्मबल को जागृत करते हैं । उन्हें उनकी क्षमताओं से अवगत कराते हैं । हनुमान जी का सुप्त आत्मबल जाग...

Vidya ka jivan me mahetva | विद्या का मनुष्य के जीवन मे महत्व

                        विद्या   विद्या ज्ञानदायी है , जबकि शिक्षा महज पुस्तक पोषक है । ज्ञान के अभाव में शिक्षा महज कागजी का ढेर है । श्रीराम को अहंकार का ज्ञान था और रावण को ज्ञान का अहंकार था । ज्ञान , संयम और नैतिक मूल्यों पर आधारित विद्या कल्याणकारी है । यही नहीं अहंकार जैसे अनीष्टकारी भाव का मर्दन कर जिज्ञासा उत्पन्न करना विद्या का काम है , न कि शिक्षा का ।  ज्ञान के अभाव में व्यक्ति पशु समान हो जाता है । लोकमंगल की कामना पूर्ति कर विद्या मनुष्य को कलुषित भाव से दूर कर उसके अंतस में आनंद का बीज रोपित करती है तथा दंभ , घृणा और ईर्ष्या का मर्दन कर विद्या सच्चिदानंद का द्वार खोलती है । इसलिए कहा भी गया है सा विद्या या विमुक्तये यानी विद्या विनय प्रदान करती है । विनय से पात्रता आती है , पात्रता से धन आता है , धन से धर्म होता है और धर्म से सुख प्राप्त होता है ।  विनम्रता पाषाण हृदय को भी मोम की तरह पिघला देती है । गुरु विद्या देता है , जबकि शिक्षक शिक्षा देता है । ज्ञान अंधकार को हरता है और शिक्षा जीवन क...

Sacche sadhu ki pahechan सच्चे साधु की पहचान

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                                             साधु साधु ----जो चीजें नहीं देखनी चाहिए उन्हें मैं नहीं देखूगा । जो बातें नहीं सुननी चाहिए , जिन्हें सुनने से मानसिक अधोगति हो सकती है उससे मैं दूर रहूंगा । जो बातें नहीं सोचनी चाहिए , जिन्हें सोचने से अधोगति हो सकती है ऐसी बहुत सी बातें भी मैं नहीं सोचूंगा यही एक साधु का काम है ।  मान लीजिए , किसी ने आपको दो कटु बातें सुना दी । फिर गुस्से में आकर आप उसे मारें - पीटें तो यह बात ठीक नहीं है । ऐसे समय में आपको अपने मन को नियंत्रण में रखना चाहिए । आपको अपने वचन पर नियंत्रण रखना चाहिए । कोई बात बोलने के पहले सोचें कि क्या बोलना चाहिए , क्योंकि बोलने के बाद मुश्किल हो जाती है । एक बार बोली गई वाणी को वापस लेना संभव नहीं होता । हमें हर परिस्थिति में संयम रखना चाहिए । अपने मन को काबू में रखना चाहिए । यही है एक साधु का लक्षण ।  साधु बनने के लिए हिमालय जाने की कोई आवश्यकता नहीं है , घर में बैठकर भी साधु बना जा सकत...

Khushi kese prapt kare खुशी कैसे प्राप्त करे

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            How to get Happiness खुशी  ----प्रत्येक व्यक्ति खुश रहने की कामना करता है , लेकिन रहता नहीं । इसका प्रमुख कारण यह है कि व्यक्ति अपने मन में बेवजह के अवसादों से चिंताग्रस्त रहता है । वह उन काल्पनिक चिंताओं की छवि को हृदय में आकार देकर रखता है जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है । इसी तरह कई बार व्यक्ति पुरानी पीड़ाओं के घाव को पीड़ामुक्त होने के बाद भी स्मरण करता रहता है ।  हमारे हृदय में अवचेतन मन 24 घंटे उपस्थित रहता है । यह अवचेतन मन व्यक्ति के अंतर्मन में रहता है । जो व्यक्ति काल्पनिक परेशानियों को दिन रात सोचते रहते हैं , अवचेतन मन में उन काल्पनिक परेशानियों का बोझ ' बढ़ता रहता है । व्यक्ति के चेहरे पर उन काल्पनिक परेशानियों के बोझ बीमारी , चिंता , क्रोध , ईर्ष्या के रूप में उजागर होते रहते हैं ।  खुशी दरसअल मनं की एक अवस्था है । इसे मन के अंदर ही प्राप्त किया जा सकता है । भौतिक वस्तुएं जैसे नौकरी , विवाह , अच्छा भोजन , घर , गाड़ी आदि क्षणिक आनंद प्रदान करती हैं , लेकिन खुशी नहीं । खुशी तो वह अवस्था है जिसे प्रकृति ने निः...

Prathvi ke devta पृथ्वी के देवता

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                     The God of  the Earth प्रत्यक्ष देवता ---हमारी परंपरा में देवता उसे कहा गया है जो जीवमात्र को निरंतर देता ही रहता है और बदले में कभी कुछ चाहता नहीं है । इसीलिए हमारे वेद पृथ्वी , अग्नि , जल , पर्वत , वायु और वृक्षों की प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि ये सभी देवता यथा रूप में मनुष्य के लिए सदा उपलब्ध रहें , क्योंकि बिना इनके मनुष्य जीवन की ही नहीं ,  सृष्टि में आए हुए किसी भी जीव के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है ।  पृथ्वी की स्तुति में वेद कहते हैं कि यह हमारी माता है और हम सभी इसके पुत्र हैं । यह हमें रहने का आधार देती है । इसकी कोख से ही हम अन्न , जल तथा वस्त्रादि सभी पदार्थ प्राप्त करते हैं । इसके विस्तार का ही यह प्रताप है कि हम सभी जीव स्वेच्छा और स्वच्छंदता से इसमें विचरण करते रहते हैं ।  अग्नि दो प्रकार की होती है । एक प्रत्यक्ष अग्नि और दूसरी अप्रत्यक्ष अग्नि । प्रत्यक्ष अग्नि सभी को प्रकाश देती है तथा अपनी ऊष्मा से शीतादि ऋतुओं में भी जीव मात्र की रक्षा करके सबका जीवन स...

Isthir mane ki mahima स्थिर मन की महिमा

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                    Stable mind स्थिर मन  ---मन का बल परमात्मा की कृपा से प्राप्त होता है । यह समय है मन की शक्ति को पहचानने का । मन जब चंचल होता है सांसारिक चमक - दमक की ओर दौड़ता है । जब यह स्थिर हो जाता है तो अंतर्दष्टि का धुंधलका छंटने लगता है ।  जीवन का सच दिखने लगता है । वास्तविक आकर्षण तो ईश्वर की रची सृष्टि में है । आज जब बाहर के मनुष्य रचित रंगों , रसों को भोगने के अवसर संकुचित और सीमित हो गए हैं , तब ईश्वर और सृष्टि से निकटता का सुयोग बना है ।  अब बंद घर की खिड़की खोलकर मन की आंखों से वह सौंदर्य देखने का समय है जो सामान्य जीवन में निकट होते हुए भी उपेक्षित रहा ।  स्थिर मन से देखें तो अब नित्य प्रातः उगने वाला सूर्य अधिक आकर्षक लगने लगेगा । स्थिर मन के आनंद की अनुभूति अद्भुत होती है जिससे हम संसार की भागदौड़ में वंचित रहते हैं ।  इसी कारण जीवन सदा दुविधाओं में झूलता रहता है । अज्ञानतावश हम इसे ही जीवन का ढंग मान लेते हैं । हम यह नहीं समझते कि परमात्मा ने हमें जो मानव जीवन दिया वह पुण्य कर्मों...

Pita ki mamta kya hoti hai पिता की ममता क्या होती है।

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                      पिता की ममता पिता की ममता  ___मां की ममता दुनिया की सबसे बड़ी अनुभूति है । सच भी है कि मां के समान कोई भी नहीं होता । मानसिक संवेदनाएं मां से अधिक अन्य किसी को स्वीकार नहीं करतीं । यहां तक ठीक है , लेकिन मां के वात्सल्य का सबसे बड़ा पूरक तो पिता है । वह अपनी ममता को हृदय में दबाए सबकुछ न्योछावर करने के लिए पूरा जीवन लगा देता है ।  पिता अपनी संतान के लिए भी हर क्षण मरता है । यह विडंबना ही कही जाएगी कि मां की ममता में ही सब खो जाते हैं , पिता की ममता को स्पर्श करने का समय ही नहीं बचता । पिता के कठोर व्यवहार में ममता का सागर नहीं खोज पाते । यह कितना बड़ा अन्याय है , पिता के प्रति । मां के पास तो सभी जाते हैं , लेकिन पिता के पास मन की गहराइयों तक कोई जाना नहीं चाहता ।  पिता की ममता गहराइयों तक अंदर ही अंदर हर दिन नवीन आकार ग्रहण करती है । मां तो हर रोज ममता में जीती है , जबकि पिता हर रोज इसमें जीता ही नहीं , बल्कि मरता भी है ।  मां की कहानी सुखांत है , पिता की कहानी में दुखांत है । ...

Ramayan se prerna रामायण से हमे क्या प्रेरणा मिलती

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      What inspires us from Ramayana                  रामायण से प्रेरणा ----इन दिनों दूरदर्शन पर प्रसारित रामायण को व्यापक स्तर पर दर्शकों का स्नेह मिल रहा है । वास्तव में यह मात्र एक धारावाहिक नहीं , बल्कि भारतीय संस्कृति की विशेषताओं से आबद्ध जीवन दर्शन है । यह जिस राम कथा पर आधारित है उससे प्रत्येक मनुष्य अपने नैतिक उत्थान के लिए प्रेरणा ले सकता है । इसके आदर्श एवं सिद्धांत देश और काल की सीमाओं से आबद्ध नहीं है , अपितु उनकी सार्वभौम मान्यता भी है ।  रामायण से हमें जीवन के प्रति एक विशिष्ट दृष्टिकोण मिलता है । इसमें श्रीराम का विनम्र आचरण और अपने से बड़े और छोटे सबको सम्मान देने की शिक्षा देता है ।  इससे यही सीख मिलती है कि तमाम संसाधनों और वैभव के बावजूद सबसे अपेक्षित व्यवहार करना चाहिए । हमें पशु - पक्षियों से भी प्रेम और करुणा से पेश आना चाहिए । सच्चा मानव वही है जो सबसे समानता से पेश आता है ।  रामायण में माता - पिता को देवता के समान स्थान मिला है । रामायण की प्रासंगिकता आज के समय में इसलिए औ...

Bhagya ka nirman kese kare अपने भाग्य का निर्माण कैसे करे

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                                   ।भाग्य  का निर्माण।    भाग्य निर्माण ---विपरीत परिस्थितियों में अक्सर लोग घुटने टेक देते हैं । ऐसे में हालात से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और लोग परिस्थितियों के दास बनकर रह जाते हैं । हालांकि जो लोग हालात से लड़ना जानते हैं वे अपना भाग्य निर्माण स्वयं करते हैं और इतिहास पुरुष बन जाते हैं । कष्टदायक परिस्थितियों में पड़कर भी जिन लोगों ने श्रम , संयम , स्वाध्याय , सेवा , ईश्वर भक्ति , देशभक्ति , एकाग्रता और लगन का दामन नहीं छोड़ा निश्चित रूप से वे महान बने ।  भारत और विश्व इतिहास ऐसे लोगों के दृष्टांतों से भरा पड़ा है । अगर कोई भी साधारण मनुष्य इन सूत्रों को अपने जीवन में उतार ले तो वह भी महान बनने की राह पर अग्रसर हो सकता है । स्वयं से भाग्य निर्माण करना आसान काम नहीं है । और वह भी तब जब आप विपरीत परिस्थिति में फंसे हुए हों ।  इसके लिए हमें लगन के साथ कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी । सही दिशा में निरंतर प्रयास करते रहना होगा । अपने भीत...

Anubhav ka mahetva अनुभब का जीवन मे महत्व

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      What is  importance of experience in life.                              .                                                                                            अनुभव जीवन--- जल के समान अनवरत गति से चलायमान है । जिस तरह प्रवाहित जल की राह में | बाधा आने पर वह अपनी दिशा बदल देता है । उसी तरह मनुष्य भी बाधाओं से बचाव के लिए अपने जीवन को नया आकार प्रदान करता है ।  यह सच बात है कि जीवन में आने वाली प्रत्येक बाधा अपने साथ एक नया अनुभव लिए हुए होती है । अनुभव ही हमें आने वाली विपदाओं से लड़ने का हौसला देता है । अनुभव जिंदगी का स्वयं द्वारा किया गया विश्लेषण है । सच्चा अनुभव तो तभी हासिल होता है जब हम किसी काम को स्वयं करते हैं । अनुभव का अहसास जीवन को सर...

Yojna kese banaye सुविचारित योजना कैसे बनाये

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               How to make any plan.                                                                          .                                        सुविचारित योजना ---किसी कार्य को करने से पहले उसकी रूपरेखा बनाई जाती है । इससे कार्य में सफलता की संभावना बढ़ती है , लेकिन प्रायः लोग बिना किसी योजना के ही कार्य शुरू कर देते हैं और असफल होने पर निराश होते हैं । जबकि शास्त्रों में कहा गया है कि प्रयत्न करने से भी कोई कार्य नहीं पूर्ण हो पाता या सफलता नहीं मिलती तो कहीं न कहीं स्वयं का दोष है ।  योजनाबद्ध कार्य का उदाहरण मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम द्वारा कदम - कदम पर प्रस्तुत किया गया । लंका पर आक्रमण के पहले वहां की वस्तुस्थिति का अध्ययन करने के लिए उन्होंने...